अगस्त क्रांति दिवस पर बुंदेलों ने मोदी को लिखे 21वीं बार खून से खत
- पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग जल्दी पूरी करने का किया आग्रह
- महोबा से उज्जवला योजना शुरू करने के लिए धन्यवाद दिया
महोबा। अगस्त क्रांति दिवस व काकोरी कांड दिवस के अवसर पर आज बुंदेलों ने आल्हा चौक स्थित अंबेडकर पार्क में 21वीं बार अपने खून से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को खत लिखे और पृथक बुंदेलखंड राज्य जल्दी से जल्दी बनाने की मांग की। साथ ही बुंदेलों ने प्रधानमंत्री को महोबा से उज्जवला योजना 2 प्रारंभ करने के लिए धन्यवाद भी दिया।
अलग राज्य की मांग को लेकर महोबा में 635 दिन तक अनशन कर चुके बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने बताया कि आज का दिन अंग्रेजों के खिलाफ चले लंबे संघर्ष का बड़ा ऐतिहासिक दिन है। आज महात्मा गांधी ने 1942 में अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन शुरू किया था और काकोरी में क्रांतिकारियों ने सरकारी खजाना लूटकर अंग्रेजी हुकूमत को हिला दिया था। हम भी बुंदेलखंड को गरीबी, पलायन व पिछड़ेपन से आजादी दिलाना चाहते हैं।
संकट में फंसे यहां के जंगल, नदी, पहाड़ व ऐतिहासिक धरोहरों को बचाना चाहते हैं लेकिन अहिंसात्मक आंदोलन के रास्ते से। अगर हम ऐसा नहीं कर पाए तो इस सदी के सबसे बड़े गुनहगार बन जाएंगे और भावी पीढ़ी हमें क्षमा नहीं करेगी लेकिन बगैर बुंदेलखंड राज्य बने यह संभव नहीं है।
उन्होंने बताया कि आज बुंदेली समाज के महामंत्री डा. अजय बरसैया, पूर्व सैनिक कृष्णा शंकर जोशी, माधव खरे, रमाकांत नगायच, देवेन्द्र तिवारी, हरीओम निषाद, सुरेश बुंदेलखंडी, खुर्शीद, अमरचंद विश्वकर्मा, सुधीर दुबे व प्रेम चौरसिया आदि ने खत लिखने के लिए अपना खून दिया और प्रधानमंत्री से 2014 में झांसी की एक जनसभा में बुंदेलखंड राज्य बनाने का अपना वादा जल्दी से जल्दी पूरा करने की मांग की।
- Advertisement -
- Advertisement -