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Wednesday, January 21, 2026

मायावती ने भाजपा पर साधा निशाना, कहा-यूपी में जातिगत और धार्मिक माहौल खराब है

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2022 के होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों के स्तर पर सियासी सरगर्मियां तेज हैं. विधानसभा चुनाव 2022 में सत्ता की सियासी कुर्सी पर काबिज होने को लेकर बहुजन समाज पार्टी अपना सियासी शंखनाद भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या से शुरू करने जा रही है.
वहीं आज राजधानी लखनऊ में बसपा प्रमुख मायावती ने प्रेस कांफ्रेंस कर भाजपा पर निशाना साधा. मायावती ने इस दौरान कहा कि जनता भाजपा राज में परेशान है. केंद्र सरकार की गलत आर्थिक और अन्य नीतियों की वजह से देश में बेरोज़गारी बढ़ रही है. इतना ही नहीं महंगाई की वजह से लोगों के सामने काफी मुश्किलें खड़ी हो गई हैं.
मायावती ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सरकार ने किसानों को नज़रअंदाज़ किया है. पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ती कीमतों से जनता परेशान है. पत्रकार वार्ता में मायावती ने प्रदेश में खराब कानून-व्यवस्था होने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा यूपी में जातिगत और धार्मिक माहौल खराब है.
इस दौरान कांग्रेस को भी लपेटे में लेते हुए माया ने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने दलितों का शोषण किया है. BJP ने दलितों को खूब खिचड़ी खिलाई है, लेकिन दलित वर्ग को BJP गुमराह नहीं कर पाई. दलित समाज ने बीएसपी को हमेशा वोट किया. पिछले चुनाव में हमारी सीटें कम थीं, लेकिन वोट प्रतिशत सही था. मुझे दलित समाज पर गर्व है कि वो इनके लालच में नहीं आएंगे. इस दौरान मायावती ने दलितों से अपील करते हुए कहा कि अटल रहे, बहके नहीं.
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि सरकार को किसानों की भावनाएं समझनी चाहिए. संसद के आगामी मानसून सत्र में बसपा के सांसद जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाएगी. देश की जनता महंगाई से त्रस्त है लेकिन सरकार बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रही है. प्रेस कांफ्रेंस में मायावती ने विपक्ष से आह्नान किया कि भाजपा के खिलाफ विपक्ष को एकजुट हो जाना चाहिए.
रविवार को उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए बसपा प्रमुख ने कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ब्राह्मणों का उत्पीड़न कर रही है. बीजेपी वालों ने ब्राहमणों को रिझाने के लिए खूब नाटकबाज़ी की.
2017 के चुनाव में ब्राहमणों ने एकतरफा वोट देकर भाजपा को जिता दिया था, लेकिन अब पछता रहे हैं. जैसे दलित बहकावे में नहीं आते वैसे ही ब्राहमणों को भी बहकावे में नहीं आना चाहिए. उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज दलित समाज से प्रेरणा लें. मायावती ने कहा अब समय आ गया कि जैसे 2007 में ब्राह्मणों ने बसपा का साथ दिया था उसी तरह एक बार फिर जुड़ जाएं. अगर सरकार बनी तो इनके हितों का ध्यान रखा जाएगा.
उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों को जोड़ने के लिए 23 जुलाई से ब्राह्मण सम्मेलन की शुरुआत कर रहे हैं. यह अभियान अयोध्या से सांसद सतीश चंद्र मिश्रा की अगुवाई में शुरू हो रहा है. उन्होंने कहा कि ब्राह्मण आखिर कांग्रेस और भाजपा पर कितना भरोसा करेंगे अब समय आ गया है कि इन दोनों को ही तिलांजलि दे दी जाए.
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