लखनऊ। अक्षयपात्र द्वारा आज बंथरा नगर पंचायत के सफाई कर्मचारियों को राशन किट का वितरण किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में प्रदेश सरकार के मंत्री महेश गुप्ता व मुख्य वक्ता के रूप में अक्षयपात्र के स्वामी अनंत दास जी उपस्थित थे।
अक्षयपात्र का राशन किट बंथरा नगर पंचायत के समस्त सफाई कर्मचारियों के साथ अन्य छोटे कर्मचारियों में वितरित किया गया। इस राशन किट को प्रदेश सरकार के मंत्री महेश गुप्ता के साथ बंथरा नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अमित सिंह ने वितरण किया।
अक्षयपात्र का राशन व भोजन बांटने का अभियान जारी है। कोविड संक्रमण को देखते हुए अक्षय पात्र लखनऊ में जहां बलरामपुर हॉस्पिटल, केजीएमयू, सिविल, पीजीआई, लोहिया, लोकबंधु, आस्था व फातिमा अस्पताल के साथ कोविड सेंटर लालबाग में प्रतिदिन मरीजों के तीमारदार को भोजन उपलब्ध करा रहा है वही वाराणसी के बीएचयू व कबीर चौरा हॉस्पिटल में भी अक्षय पात्र द्वारा भोजन वितरण किया जा रहा है। यही नहीं लखनऊ के चारबाग, केडी सिंह बाबू स्टेडियम व अटल बिहारी वाजपई इकाना स्टेडियम के साथ काकोरी व सरोजनी नगर ब्लॉक में भी गरीबों व श्रमिकों को भोजन दिया जा रहा है।
लखनऊ में प्रतिदिन 16500 लोगों को अक्षयपात्र भोजन करा रही है। वाराणसी के बीएचयू व कबीर चौरा अस्पताल में भी फिलहाल एक-एक हजार लोगों को भोजन दिया जा रहा है। इसी प्रकार गोरखपुर में पंद्रह सौ लोगों को रोज अक्षय पात्र द्वारा भोजन दिया जा रहा है।
भोजन के साथ राशन किट भी गरीबों में वितरित किए जा रहे हैं। लखनऊ में पिछले माह पांच हजार राशन किट बांटने के बाद इस माह जुलाई में भी 6 हजार पांच सौ राशन किट बांटे जाएंगे। वाराणसी में भी इस माह जुलाई में 11हजार राशन किट बांटे जाएंगे तथा 60 हजार लोगों को भोजन वितरित किया जाएगा। अयोध्या में 562 व गोरखपुर में दो हजार राशन किट का वितरण गरीबों में किया जा चुका है।
अक्षयपात्र फाउंडेशन द्वारा राजधानी लखनऊ के साथ वाराणसी, मथुरा, अयोध्या, प्रयागराज, कानपुर, कन्नौज, बहराइच, गाज़ीपुर व सीतापुर के नैमिषारण्य सहित कई जिलों में राशन किट बांटा जा चुका है। कोरोना संकट काल में अक्षयपात्र फाउण्डेशन के उपाध्यक्ष चंचलापति प्रभु के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया है।
उनके अनुसार अक्षयपात्र संस्था की कोशिश रहती है कि देश मे कही कोई भूखा न रहे। पिछले लॉकडाउन के समय मे अक्षयपात्र फाउंडेशन केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, दादरा और नगर हवेली, दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना व त्रिपुरा आदि में भी जरूरतमंदों को भोजन तथा राशन देने का काम किया।