बरेलीः जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां स्थित गंगाशील हॉस्पिटल की चौथी मंजिल की खिड़की से कूदकर एक मरीज ने अपनी जान दे दी है. इतना ही नहीं, खुद कूदने से पहले उसने अपने 9 साल के बेटे को चौथी मंजिल से फेंक दिया था. जिसके चलते दोनों की मौत हो गई. बताया जाता है कि मरीज को 15 जून को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां उसका नशा छुड़ाने का इलाज चल रहा था.
बारादरी थाना क्षेत्र का रहने वाला 35 वर्षीय दीपक को घरवालों ने 15 जून को बरेली के गंगाशील हॉस्पिटल में भर्ती कराया था. जहां उसका चौथी मंजिल पर बने प्राइवेट वार्ड में इलाज चल रहा था. बताया जा रहा है कि दीपक शराब पीने का आदी है और उसी को छुड़वाने के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया था.
शुक्रवार को दीपक देखने उसका 9 साल का बेटा दिव्यांश अपनी बुआ के साथ आया था. बात करने दौरान अचानक दीपक ने पहले बेटे को चौथी मंजिल की खिड़की से नीचे फेंका और कुछ पलों बाद ही खुद भी छलांग लगा दी. चौथी मंजिल से गिरने के चलते बेटे दिव्यांश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दीपक की सांसे चल रही थी. उसको तुरंत हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई. बताया जाता है कि दीपक शुक्रवार को अस्पताल से डिस्चार्ज होने वाला था.
दीपक की बीवी कंचन उसकी नशे की लत से परेशान होकर कई महीने पहले मायके बदायूं चली गई थी. दीपक अपनी मां और बेटे के साथ संजय नगर में रहता था. परिवार वालों ने बताया कि सब कुछ तो ठीक था और उसे अस्पताल से डिस्चार्ज भी होने वाला था, फिर पता नहीं क्यों उसने यह खतरनाक कदम उठाकर दो जिंदगियां खत्म कर दी.
इस घटना के बाद दीपक के घर में कोहराम मच गया है. घटना की जानकारी लगते ही प्रेम नगर थाने की पुलिस भी गंगशील हॉस्पिटल मौके पर पहुंच गई, जहां उसने बाप बेटी की लाशों को पंचनामा भर पोस्टमार्टम को भेज दिया है.
हॉस्पिटल में भर्ती मरीज के चौथी मंजिल से कूदने के मामले में हॉस्पिटल की भी लापरवाही सामने आ रही है. वार्ड से निकलकर मरीज घटना को अंजाम देता है और किसी को उसकी भनक भी नहीं लगती. सवाल यह भी है कि हॉस्पिटल की खिड़की को खुला क्यों छोड़ा गया. अगर उस पर जाली लगी होती तो शायद यह घटना नहीं होती.