गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिले के दो दिवसीय दौरे पर हैं. सीएम योगी ने कहा कोरोना से पूरे देश मे बड़ी क्षति हुई है. लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में इससे निपटने के प्रयास किया जा रहा हैं. इसमें बड़ी कोशिश उन बच्चों के लिए हुई जो इस बीमारी की वजह से अपने मां-बाप को खो दिए हैं. अब ऐसे बच्चे के लिए सरकार भरण, पोषण और शिक्षा सुरक्षा के लिए यूपी सरकार मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना शुरू की है. गोरखपुर में 6 बच्चे ऐसे हैं, जिनके माता-पिता की मौत हुई है. 174 बच्चे ऐसे हैं, जिन्होंने अपने परिवार के कमाऊ अभिभावक को खोया है. जिनके संरक्षण के सरकार 18 वर्ष की आयु तक 4 हजार रुपये हर महीने उपलब्ध कराएगी. कस्तूरबा और अटल आवासीय स्कूल में इन्हें शिक्षा दी जाएगी.
कोरोना से निराश्रित हुए बच्चों के भरण-पोषण
कोरोना से अनाथ हुए बच्चों के भरण, पोषण और शिक्षा सुरक्षा के लिए यूपी सरकार मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना शुरू की है. गोरखपुर में 6 बच्चे ऐसे हैं, जिनके माता-पिता की मौत हुई है. 174 बच्चे ऐसे हैं, जिन्होंने अपने परिवार के कमाऊ अभिभावक को खोया है. जिनके संरक्षण के सरकार 18 वर्ष की आयु तक 4 हजार रुपये हर महीने उपलब्ध कराएगी. कस्तूरबा और अटल आवासीय स्कूल में इन्हें शिक्षा दी जाएगी. सीएम योगी ने शिक्षा और सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के पात्र बच्चों से संवाद और किट वितरण किया है.
सीएम योगी ने कहा कि पीएम केयर के तहत भी बच्चों के लिए लाभ मिलेगा. जिसका बजट 10 लाख है. यह भीषण महामारी है. इसे सामूहिक रूप से मिलकर लड़ना चाहिए. आज देश के अंदर दो टीके हैं. अन्य वैक्सीन भी बाजार में आ रही है. बीमारी में लापरवाही खतरनाक होती है. कोरोना कमजोर हुआ है, लेकिन समाप्त नहीं हुआ है. इसलिए सावधानी अपनाएं. टेस्ट न भागे और वैक्सीन लगवाए.
बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के दो दिवसीय दौरे पर हैं. सीएम योगी ने गुरुवार को नगर निगम परिसर में चलाए जा रहे वैक्सीनेशन अभियान का निरीक्षण किया था. इस दौरान सीएम योगी ने नगर निगम के सफाई कर्मचारियों का हौसला बढ़ाया. उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया था. सीएम योगी ने अपने इस दौरे में जंगल कौड़िया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया था. इस दौरान उन्होंने कहा कि कोविड की संभावित तीसरी लहर को बेअसर करने को सरकार संकल्पित भाव से कार्य कर रही है. प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर सभी आवश्यक चिकित्सकीय संसाधनों का इंतज़ाम रहे.