13 C
Lucknow
Wednesday, January 21, 2026

हमने पहले भी ऐसा ही किया है… इजरायल के खिलाफ प्रस्ताव पर वोट न करने से भड़के फलस्तीन को भारत ने दिया जवाब

Must read

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में इजरायल के खिलाफ मतदान से दूर रहने को लेकर भारत ने फलस्तीन को अपना जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह पहले भी इस तरह से किसी एक देश के खिलाफ प्रस्ताव से दूर रहा है। फलस्तीन के विदेश मंत्री रियाद अल मलिकी को जवाब देते हुए मंत्रालय ने कहा भारत एक तरह से इस नियम पर काम करता रहा है कि वह किसी एक देश के खिलाफ UNHRC की वोटिंग से दूर रहेगा। इस मसले पर पिछले दिनों श्रीलंका के खिलाफ हुए मतदान से भी भारत के गैरहाजिर रहने का उदाहरण दिया गया है।
बीते सप्ताह गजा पट्टी में इजरायल की ओर से किए गए हमलों को मानवाधिकार का उल्लंघन बताते हुए UNHRC में प्रस्ताव पेश किया गया था। इस मतदान से 14 देश गैरहाजिर रहे थे, जिनमें से एक भारत भी था। भारत ने इस कदम को लेकर कोई टिप्पणी नहीं थी, लेकिन कूटनीतिक जानकारों का कहना था कि यह इजरायल का समर्थन करने जैसा है। संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव के समर्थन में 47 सदस्यों वाली कमिटी में से 24 ने यहूदी मुल्क के खिलाफ मतदान दिया। इसके अलावा 9 सदस्यों ने इजरायल का समर्थन किया और भारत समेत 14 देश इस मतदान से ही दूर रहे।
इजरायल पर वोटिंग से दूर रहने वाले देशों में भारत के अलावा इटली, डेनमार्क, जापान, फ्रांस, साउथ कोरिया, यूक्रेन, नेपाल भी शामिल थे। प्रस्ताव पर वोटिंग न करने को लेकर ही फलस्तीन ने भारत के रवैये पर नाराजगी जताई थी और उसके विदेश मंत्री रियाद अल मलिकी ने पत्र लिखा था। मलिकी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर कहा था कि भारत ने इजरायल के खिलाफ जांच के लिए लाए गए निर्णायक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर वोटिंग से गैर-हाजिर रहकर एक बड़े अवसर को गंवा दिया है। फलस्तीन के विदेश मंत्री ने कहा था कि इजरायल पर प्रस्ताव में वोटिंग न कर भारत ने जवाबदेही, शांति और न्याय की राह पर बढ़ने के मौके को खोया है।
- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article