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Wednesday, January 21, 2026

PM मोदी ने मनीष नरवाल-सिंहराज सिंह अधाना को दी बधाई, बोले- भारतीय खेलों के लिए यह खास पल

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिक्स्ड 50 मीटर पिस्टल SH1 इवेंट में एक और पदक जीतने पर सिंहराज सिंह अधाना को बधाई दी. इससे पहले उन्होंने टोक्यो पैरालंपिक खेलों में कांस्य पदक जीता था. सिंहराज अधाना ने टोक्यो पैरालंपिक में भारत को 8वां मैडल दिलाया था. इसके अलावा उन्होंने मनीष नरवाल को भी बधाई दी, जिन्होंने टोक्यो पैरालंपिक्स में गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है. उन्होंने दोनों खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा कि भारतीय खेलों के लिये यह खास पल है.
टोक्यो पैरालंपिक्स 2020 के शूटिंग P4 मिक्स्ड 50 मीटर पिस्टल SH1 इवेंट में मनीष नरवाल ने गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है. वहीं उसके सहयोगी सिंहराज सिंह अधाना ने सिल्वर मेडल जीता है. पीएम मोदी ने ट्वीट कर दोनों खिलाड़ियों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि सिंहराज अधाना ने फिर से कर दिखाया और युवा और शानदार प्रतिभावान मनीष नरवाल की शानदार उपलब्धि के लिए बधाई.

नरवाल ने बनाया रिकॉर्ड 218.2 स्कोर
19 साल के नरवाल ने पैरालंपिक (Tokyo Paralympics) का रिकॉर्ड बनाते हुए 218.2 स्कोर किया. वहीं, अडाना ने 216.7 अंक बनाकर रजत पदक अपने नाम किया. दोनों निशानेबाज हरियाणा के फरीदाबाद के रहने वाले हैं. रूसी ओलंपिक समिति के सर्जेइ मालिशेव ने 196.8 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता. इससे पहले क्वालीफाइंग दौर में अडाना 536 अंक लेकर चौथे और नरवाल 533 अंक लेकर सातवें स्थान पर थे. भारत के आकाश 27वें स्थान पर रहकर फाइनल में जगह नहीं बना सके.
सिंहराज और नरवाल मैडल जीतने के साथ ही टोक्यो ओलंपिक में भारत की पदकों की संख्या 15 हो गई है. भारत ने अब तक तीन गोल्ड, सात सिल्वर और पांच ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं. टोक्यो पैरालंपिक में निशानेबाजी में भारत का 5 पदक जीत चुका है. इससे पहले प्रधामंत्री ने कहा था कि उन्हें खुशी है कि भारत के अलग-अलग क्षेत्रों से खिलाड़ी टोक्यो पैरालंपिक में मैडल ला रहे हैं.

सिंहराज ने काफी देरी से की थी शूटिंग की शुरुआत
सिंहराज अधाना एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं. लगभग 35 साल की उम्र में काफी देरी से शूटिंग की शुरुआत की. इसके बावजूद अधाना को अपनी कामयाबी का यकीन था. उन्होंने अपने और पैरालिंपिक मेडल के बीच अपनी उम्र और अपनी कमजोरी को कभी नहीं आने दिया. एसएच1 वर्ग में निशानेबाज एक हाथ से ही पिस्टल थामते हैं. उनके एक हाथ या पांव में विकार होता है. इसमें निशानेबाज नियमों के अनुसार बैठकर या खड़े होकर निशाना लगाते हैं.
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