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Wednesday, January 21, 2026

कल्याण सिंह के नाम पर होगी अयोध्या में राम मंदिर तक जाने वाली सड़क, यूपी के कुल 5 जिलों में होगा ‘कल्याण सिंह’ मार्ग

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यूपी के पूर्व सीएम कल्याण सिंह (Kalyan Singh) मरने के बाद भी अमर हो गए हैं. यूपी सरकार ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि राज्य में 5 जिलों की एक-एक सड़क का नाम पूर्व सीएम के नाम पर रखा जाएगा. राज्य के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने ऐलान किया है कि अयोध्या में राम मंदिर की तरफ जाने वाली सड़क का नाम कल्याण सिंह के नाम पर होगा. अयोध्या के साथ ही लखनऊ, प्रयागराज, बुलंदशहर और अलीगढ़ में एक-एक सड़क का नाम भी कल्याण सिंह के नाम पर होगा.
राम मंदिर आंदोलन (Ram Mandir Movement) में कल्याण सिंह का बलिदान किसी से छिपा नहीं है. मंदिर आंदोलन में उनके योगदान को देखते हुए सरकार ने ये बड़ा फैसला लिया है. राम मंदिर के लिए उन्होंने सीएम की कुर्सी तक छोड़ दी थी. अब उनके इस बलिदान के लिए सरकार ने उन्हें खास सम्मान दिया है. यूपी में 5 जिलों की सड़कों का नाम अब उनके नाम पर रखा (Road Name) जाएगा. यूपी की कई सड़कें अब कल्याण सिंह मार्ग के नाम से जानी जाएंगी.

अयोध्या में होगा ‘कल्याण सिंह’ मार्ग

बाबरी विध्वंस की जिम्मेदारी लेकर दिया था इस्तीफा
ये बात सभी जानते हैं कि 9 दिसंबर साल 1992 में अयोध्या में विवादित ढांचा गिरा दिया गया था. जिस वक्त कार सेवकों ने ढांचे को ध्वस्त किया था उस समय तत्कालीन सीएम कल्याण सिंह अपने आवास पर मौजूद थे. उन्होंने बाबरी विध्वंस की जिम्मेदारी लेते हुए सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था. यह उनके जीवन की सबसे बड़ी घटना थी. इसके साथ ही राम भक्त कल्याण सिंह ने अधिकारियों को आदेश दिया था कि अयोध्या में कार सेवकों पर गोली न चलाई जाए.
कल्याण सिंह के इस्तीफे के समय तत्कालीन राज्यपाल सत्यनारायण रेड्डी भी असमंजस्य में थे कि उनसे इस्तीफा लिया जाए कि सरकार को ही बर्खास्त कर दिया जाए. जब तक इस मामले में कोई सलाह ली जाती कल्याण सिंह खुद राजभवन पहुंच गए और सीएम पद से इस्तीफा दे दिया.
हिंदुत्व की राजनीति का बड़ा चेहरा थे कल्याण सिंह
सीएम की कुर्सी छोड़ते ही कल्याण सिंह हिंदुत्व की राजनीति का एक बड़ा चेहरा बनकर उभरे थे. खास बात ये थी कि जीवन भर उन्होंने बाबरी विध्वंस की घटना को लेकर कोई अफसोस नहीं जताया. उन्होंने एक इंटरव्यू में साफ-साफ कहा था कि इस घटना का उन्हें कोई अफसोस नहीं है. उन्होंने 6 दिसंबर 1992 को राष्ट्रीय गर्व का विषय बताया था.
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