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Wednesday, January 21, 2026

‘सूबेदार’ नीरज चोपड़ा का टोक्यो तक का सफर, एथलेटिक्स में पहला मेडल

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टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने इतिहास रच दिया है। जिसके बाद से ही उन्हें देशभर से बधाईयां मिल रही हैं। हरियाणा के एक गरीब परिवार से संबंध रखने वाले नीरज आज हर भारतीय के दिल में राज कर रहे हैं।
उम्मीदों पर खरे उतरे नीरज चोपड़ा, कभी मोटापे से थे परेशान
हरियाणा के छोरे ने आज एथलेटिक्स में ओलंपिक पदक जीतने का पिछले 100 साल के सूखे को खत्म कर दिया है। नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में भाला फेंक में गोल्ड मेडल जीतकर भारतीय खेलों में नया इतिहास रचा।  नीरज ने अपने दूसरे प्रयास में 87.58 मीटर भाला फेंका जो कि सोने का तमगा हासिल करने के लिये  काफी था। फाइनल में चोपड़ा लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरे और पदक जीतकर एक नया इतिहास रच दिया। ये ओलिंपिक में व्यक्तिगत मुकाबलों में भारत का दूसरा गोल्ड मेडल भी है। इससे पहले 2008 में बीजिंग ओलिंपिक में अभिनव बिंद्रा ने शूटिंग में गोल्डमेडल जीता था।
गरीब किसान परिवार में हुआ नीरज का जन्म
हरियाणा के किसान परिवार से संबंध रखने वाले नीरज चोपड़ा आज हर भारतीय के दिल में जगह बना चुके हैं। पानीपत के खाद्रा गांव में नीरज चोपड़ा का जन्म 24 दिसंबर 1997 को हुआ। महज 23 साल की उम्र में नीरज ने पिछले 100 साल से एथलिटिक्स में स्वर्ण पदक की राह देख रहे देश को सोने का तब्का दिला दिया। कभी मोटापे का शिकार हुए नीरज आज हर खिलाड़ी के लिए मिसाल बन चुके हैं। 11 साल की उम्र में ही नीरज को मोटापा आ गया था। लेकिन किसे पता था कि यही मोटापा उन्हें एक दिन ओलंपिक में गोल्ड जिता देगा।
मोटापा घटाने के लिए शुरू किया खेल, अब जीता गोल्ड
नीरज चोपड़ा के मोटापे को कम करने के लिए घरवालों ने उन्हें खेल-कूद में जाने की सलाह दी। जिसके बाद नीरज वजन कम करने के लिए पानीपत के शिवाजी स्टेडियम में जाने लगे, और यहीं से नीरज ने जेवलिन थ्रो करना शुरू किया। जेवलिन थ्रो में नीरज ने अपने छोटे से करियर में अब तक कई मेडल जीत लिए हैं। साल 2012 में नीरज ने एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। जिसके बाद से ही नीरज ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
2015 में पार किया 80 मीटर का आंकड़ा
2015 में नीरज ने प्रदर्शन में एक लंबी छलांग लगाई। पटियाला में इंटर-यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप का स्वर्ण जीतने के लिए उन्होंने पहली बार 81.04 मीटर जेवलिन थ्रो कर 80 मीटर का आंकड़ा पार किया।
IAAF अंडर-20 वर्ल्ड चैंपियनशिप में जीता गोल्ड
साल 2016 में नीरज ने जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया। नीरज ने IAAF अंडर-20 वर्ल्ड चैंम्पियनशिप में 86.48 मीटर दूर भाला फेंककर गोल्ड जीता था। ऐसा करने वाले नीरज पहले भारतीय एथलीट थे। उन्होंने पोलैंड के ब्यडगोस्ज़कज़ में अंडर-20 विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 86.48 मीटर जेवलिन थ्रो किया, जो एक विश्व रिकॉर्ड बन गया।
विश्व रिकॉर्ड बनाने के बाद बने नायब सुबेदार
विश्व रिकॉर्ड बनाने के बावजूद नीरज रियो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाए थे। हालांकि इसके बाद सेना ने नीरज चोपड़ा को सेना में ले लिया और उन्हें नायब सूबेदार का पद सौंपा। इसके बाद सेना में रहते हुए ही नीरज ने अपनी तैयारी जारी रखी। एक अच्छी शुरुआत के साथ नीरज ने साल 2018 में  2018 एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीते।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जीते 6 मेडल
नीरज आज जिस मुकाम पर पहुंचे हैं उसके पीछे उनकी कड़ी मेहनत और परिश्रम है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नीरज 6 मेडल जीत चुके हैं। 2018 में जकार्ता एशियन गेम्स, गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स, 2017 में एशियन चैंपियनशिप, 2016 में साउथ एशियन गेम्स, 2016 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल नीरज अपने नाम कर चुके हैं।
ओलंपिक में गोल्ड जीतकर पूरा किया सपना
यह ओलंपिक एथलेटिक्स में भारत का पहला गोल्ड है। ही हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वो अपने देश के लिए ओलंपिक में गोल्ड लाए और अब नीरज चोपड़ा ने अपना और देश का ये सपना पूरा कर दिया है। उन्होंने भारत का एथलेटिक्स में ओलंपिक पदक जीतने का पिछले 100 साल से भी अधिक का इंतजार खत्म कर दिया है।
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