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Tuesday, March 10, 2026

राजभवन पहुंचे सपा नेता, राज्यपाल को ज्ञापन देकर सरकार पर लगाया आजम खान का उत्पीड़न करने का आरोप

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लखनऊ: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी व विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन व मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी आज राजभवन पहुंचे. सपा नेताओं ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को ज्ञापन दिया. ज्ञापन में भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा पूर्व मंत्री सपा नेता आजम खान पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया और राज्यपाल से आजम खान की तबीयत का हवाला देते हुए उन्हें पैरोल या अन्य किसी तरह से रिहाई की मांग की. जिससे उनका बेहतर इलाज कराया जा सके. इसके अलावा कई अन्य मुद्दों को लेकर भी समाजवादी पार्टी ने राज्यपाल को ज्ञापन दिया है.
राज्यपाल को बताई सारी बातें
समाजवादी विधानमंडल दल के नेता रामगोविंद चौधरी ने कहा कि आजम खान के हालत को लेकर हमने राज्यपाल को सारी बातें बतायी है. कहा है कि इतना बीमार है, लेकिन उनको निकलने नहीं दिया जा रहा है. उनका समुचित इलाज कराया जाए. उन्हें पेरोल या अन्य किसी तरह से जेल से छोड़ा जाए. उन्होंने कहा कि जिला पंचायत के चुनाव में समाजवादी पार्टी के वर्करों पर पर्चा नहीं भरने दिया गया. मारपीट की गई थी. लोगों को जेल में बंद कर दिया गया. आजमगढ़ जिले में तीन पासवान के घरों को आग के हवाले कर दिया गया.
बता दें कि आजम खान और बेटे अब्दुल्ला की 30 अप्रैल को RT-PCR जांच में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी. 2 मई को प्रशासन ने बेहतर इलाज के लिए आजम खान को लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज ले जाने की सलाह दी, लेकिन उन्होंने सीतापुर जेल से बाहर जाने से इनकार कर दिया था. जिसके बाद सपा सांसद आजम खान को नौ मई को मेदान्ता अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनके साथ कोरोना पीड़ित पुत्र अब्दुल्ला आजम भी भर्ती किया गया था. आजम को उस दौरान आईसीयू में भी रखा गया था. आजम खान करीब 2 महीने से ज्यादा समय तक भर्ती रहे थे.आजम के फेफड़े में वायरस का असर पहुंच गया था. ऐसे में फेफड़े में फाइब्रोसिस व कैविटी हो गई थी. कई दिनों तक आजम ऑक्सीजन पर रहे थे. इस दौरान उन्हें किडनी में दिक्कत होने लगी, जिसका नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी की टीम ने इलाज किया था. बीते 13 जुलाई को उन्हें मेदांता से डिस्चार्ज किया गया था.
मीडिया संस्थानों में छापेमारी लोकतंत्र की हत्या
सपा नेता रामगोविंद चौधरी ने कहा कि जिस तरीके के लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को सरकार को कुचलने का काम कर रही है. इससे भी हमने राज्यपाल को अवगत कराया है. उत्तर प्रदेश में मीडिया संस्थानों पर छापेमारी की जा रही है. वह बहुत ही निंदनीय है. पत्रकारों पर जो अत्याचार किया जा रहा है, वह बहुत ही निंदनीय है. उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन की कमी से मौते हुई हैं, लेकिन सरकार मानने को तैयार नहीं है. समाजवादी पार्टी ने राज्यपाल को दिए ज्ञापन में उत्तर प्रदेश में ध्वस्त कानून व्यवस्था, महंगाई, बेरोजगारी सहित कई अन्य मुद्दों को भी उठाया है
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