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Wednesday, January 21, 2026

संसद के मानसून सत्र में जनसंख्या नियंत्रण को लेकर हो सकती है चर्चा, ये है मांग

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जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग को लेकर आने वाले संसद सत्र के दौरान कुछ सांसद प्राइवेट मेंबर बिल पेश कर चर्चा की मांग करेंगे. जानकारी के मुताबिक, राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा, अनिल अग्रवाल और हरनाथ सिंह यादव संसद सत्र के दौरान इस मुद्दे को लेकर प्राइवेट मेंबर बिल पेश कर रहे हैं.
बीजेपी के राज्यसभा सांसद हरनाथ सिंह यादव का कहना है कि जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग को लेकर उन्होंने राज्यसभा में प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया है. हरनाथ सिंह यादव का कहना है कि जनसंख्या नियंत्रण कानून में ऐसे प्रावधान रखे जाएं जिससे कि लोगों को दो बच्चों से अधिक होने पर सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने से रोका जाए, चुनाव लड़ने से रोक लगाई जाए और अगर नहीं मानते हैं तो कानूनी प्रावधान के तहत कार्रवाई की जाए.
हरनाथ सिंह यादव का कहना है इस कानून की जरूरत राज्य स्तर पर ही नहीं बल्कि केंद्रीय स्तर पर है और यह देश के 135 करोड़ लोगों पर लागू होना चाहिए. कानून किसी धर्म और समुदाय के खिलाफ नहीं बल्कि देश के हित में हो.
वहीं बीजेपी सांसद राकेश सिन्हा 2019 में जनसंख्या नियंत्रण को लेकर एक प्राइवेट मेंबर बिल लेकर आए थे. उम्मीद की जा रही है कि सत्र में उस बिल पर चर्चा हो सकती है. राकेश सिन्हा का मानना है कि देश भर के लिए एक कानून बनाया जाना चाहिए, हालांकि उस कानून में ऐसा प्रावधान होना चाहिए कि कानून बनने के 18 महीने तक लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी और इस दौरान लोगों को समझाने का काम किया जाएगा. 18 महीने बाद अगर लोग नहीं मानते हैं तो फिर सरकारी योजनाओं को सीमित करना और चुनावी राजनीति से दूर करने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं.
उनका कहना है कि अगर अभी हमने हालात नियंत्रित नहीं किए तो 28-30 साल बाद ऐसे हालात होंगे कि संसाधनों की कमी होने लगेगी और जनसंख्या विस्फोट देश के लिए एक पड़ा हानिकारक कदम साबित होगा.
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