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Wednesday, January 21, 2026

विदेशी जमातियों के मामले में यूपी पुलिस के रवैये से HC नाराज, तीन जिलों के कप्तानों को किया तलब

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प्रयागराज. कोरोना महामारी फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किये गए विदेशी जमातियों से जुड़े मामलों में यूपी पुलिस के रवैये पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गहरी नाराजगी जताई है. हाईकोर्ट ने यूपी के तीन जिलों के पुलिस कप्तानों को व्यक्तिगत तौर पर कोर्ट में तलब किया है. कोर्ट ने उनसे अदालत के पिछले आदेश का पालन नहीं होने की ठोस वजह बताने को कहा है. हाईकोर्ट के फैसले के मुताबिक शाहजहांपुर, हापुड़ और मऊ जिले के पुलिस कप्तानों को 15 जुलाई को व्यक्तिगत तौर पर कोर्ट में पेश होना होगा.
बता दें कि पिछले साल मार्च में दिल्ली में हुई तब्लीगी मरकज में भारतीयों के साथ ही बड़ी संख्या में विदेशी जमाती भी शामिल हुए थे. आरोप था कि मरकज में शामिल होने की जानकारी देकर कोरोना जांच कराने के बजाय ये जमाती देश के अलग-अलग शहरों में फैल गए थे. इस वजह से देश में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल गया था. यूपी के शाहजहांपुर और हापुड़ जिलों में भी पिछले साल एक अप्रैल को थाईलैंड से आए नौ-नौ विदेशी जमातियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. इन विदेशी जमातियों के खिलाफ महामारी एक्ट और फॉरनर्स एक्ट के साथ ही आईपीसी की धाराओं में भी केस दर्ज किया गया था. इसके साथ ही मऊ जिले में गिरफ्तार भारतीय जमातियों के खिलाफ हत्या के प्रयास की आईपीसी की धारा 307 भी दर्ज की गई थी. कोर्ट ने पहले ही इस मुकदमे की कार्यवाही पर रोक लगा रखी है.
जमातियों ने कोर्ट में की अपील
इन जमातियों ने अपने खिलाफ दाखिल की गई चार्जशीट को चुनौती देते हुए कोर्ट से केस रद्द किये जाने की अपील की थी. विदेशी जमातियों की दलील थी कि उनके खिलाफ महामारी और पासपोर्ट एक्ट के तहत केस बनता ही नहीं है और पुलिस ने मनमाने तरीके से उनके खिलाफ कार्रवाई की है. जमातियों की अर्जियों पर कोर्ट ने 8 जून के आदेश में आरोपियों के खिलाफ दाखिल चार्जशीट और केस डायरी तलब कर ली थी. सरकारी पक्ष द्वारा चार्जशीट और केस डायरी 5 जुलाई को तय की गई तारीख पर पेश नहीं किये जाने पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया. जस्टिस अजय भनोट की सिंगल बेंच ने कोर्ट के आदेश का पालन नहीं होने पर शाहजहांपुर, हापुड़ और मऊ जिलों के एसपी को व्यक्तिगत तौर पर कोर्ट में तलब कर लिया है.
जमातियों की दलील
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने तीनों जिलों की पुलिस के रवैये पर सवालिया निशान खड़े करते हुए तल्ख़ टिप्पणी भी की थी. केस के निपटारे तक पासपोर्ट जब्त होने की वजह से विदेशी जमाती अपने देश वापस नहीं जा पा रहे हैं. विदेशी जमातियों के वकील अदील अहमद खान के मुताबिक थाईलैंड से आए जमातियों के पैसे खर्च हो चुके हैं. उनके सामने पेट भरने का संकट है और थाईलैंड में रहने वाले उनके परिजन बेहद परेशान हैं. उनकी तरफ से कोर्ट में यह भी दलील दी गई कि जमातियों ने ना तो कोरोना फैलाया है और न ही अपने पासपोर्ट का कोई दुरूपयोग किया है.
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