भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी से उद्यमी बनने के बाद राजनीति का दामन थामने वाले अश्विनी वैष्णव को मोदी मंत्रिमंडल में जगह दी गई है. अश्विनी कुमार वैष्णव 2019 में राज्यसभा के लिए ओडिशा से भाजपा के एकमात्र राज्यसभा सदस्य के रूप में चुने गए. हालांकि वह राजस्थान के रहने वाले हैं. 1970 में राजस्थान के जोधपुर में जन्में अश्विनी वैष्णव ने आईआईटी कानपुर से एमटेक और अमेरिका के पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय से बिजनेस की शिक्षा हासिल की है.
1994 में भारतीय प्रशासनिक सेवा में आने के बाद वह बालासोर और कटक के जिला कलेक्टर (डीसी) रहने के साथ विभिन्न पदों पर रहे. 2004 में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के वह निजी सचिव भी रहे हैं. पीएमओ में अपने संक्षिप्त कार्यकाल के बाद उन्होंने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सार्वजनिक-निजी-साझेदारी बनाने में योगदान दिया. 2006 में वह पोर्ट ट्रस्ट मोरमुगाओ के उपाध्यक्ष बने थे. उनके पास सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में व्यापक अनुभव है.
कहा जाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके अच्छे संबंध तब से हैं जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे. भाजपा के ओडिशा से आठ लोकसभा सदस्य हैं जबकि राज्यसभा में वैष्णव पार्टी से एकमात्र सदस्य हैं. दिलचस्प बात यह है कि बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक ने पहले 2019 में राज्यसभा के लिए वैष्णव की उम्मीदवारी की घोषणा की थी, लेकिन बाद में उन्हें भाजपा उम्मीदवार के रूप में समर्थन दिया.
आदिवासी नेता बिश्वेश्वर टुडू मोदी कैबिनेट में शामिल
केंद्रीय मंत्रिमंडल में ओडिशा के आदिवासी नेता बिश्वेश्वर टुडू को जगह दी गई है. बिश्वेश्वर टुडू ( Bishweswar Tudu) ओडिशा के आदिवासी नेता हैं. उन्होंने 2019 में मयूरभंज (एसटी) लोकसभा सीट से अपना पहला लोकसभा चुनाव जीता. इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा हासिल करने वाले बिश्वेश्वर टुडू करीब 19 साल से आरएसएस से संबद्ध विद्या भारती (ओडिशा में शिक्षा विकास समिति) सहित विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं. उन्हें नवंबर 2020 में मध्य प्रदेश के भाजपा के सह-प्रभारी के रूप में भी नियुक्त किया गया था.
टुडू ओडिशा के आदिवासी बहुल मयूरभंज जिले से हैं, जहां भाजपा मजबूत स्थिति में है. हालांकि सत्तारूढ़ बीजू जनता दल अपनी पार्टी की मजबूत पकड़ बनाने की पूरी कोशिश कर रहा है. टुडू को मंत्रिमंडल में जगह मिलने के पीछे मुख्य वजह ये मानी जा रही है कि पार्टी ने मतदाताओं को यह संदेश देने की कोशिश की है कि मयूरभंज भाजपा की पसंद में हैं. दूसरी बात यह थी कि बीजद ने जिले में लोकसभा चुनाव में हार के बाद मयूरभंज में प्रणब प्रकाश दास को क्षेत्रीय पार्टी का प्रभारी नियुक्त किया था. दास को बॉबी दास के रूप में भी जाना जाता है, जो जिले में एक मजबूत संगठनात्मक आधार रखते हैं, बीजद के प्रभाव को रोकने के लिए भाजपा ने केंद्रीय मंत्रालय में आदिवासी नेता को जगह दी है.