पटना: केंद्रीय मंत्रिमंडल का आज शाम विस्तार होना है. लोकसभा चुनाव 2019 के बाद हुए मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद आज फिर से नए कैबिनेट का गठन किया जाएगा. नए कैबिनेट में एलजेपी कोटा से हाजीपुर सांसद पशुपति पारस का शामिल होना लगभग तय माना जा रहा है. हालांकि, जमुई सांसद चिराग पासवान को इस बात पर आपत्ति है. उनका कहना है कि पशुपति पारस पार्टी से निष्कासित किए जा चुके हैं. ऐसे में उन्हें एलजेपी कोटा से मंत्री बनाए जाने का पार्टी कड़ा विरोध करती है.
एलजेपी का हिस्सा नहीं पशुपति पारस
मंत्रिमंडल के विस्तार से चंद घंटों पहले उन्होंने ट्वीट कर कहा, ” पार्टी विरोधी और शीर्ष नेतृत्व को धोखा देने के कारण लोक जनशक्ति पार्टी से पशुपति कुमार पारस को पहले ही पार्टी से निष्काषित किया जा चुका है और अब उन्हें केंद्रीय मंत्री मंडल में शामिल करने पर पार्टी कड़ा ऐतराज दर्ज कराती है.”
प्रधानमंत्री जी के इस अधिकार का पूर्ण सम्मान है कि वे अपनी टीम में किसे शामिल करते हैं और किसे नहीं।लेकिन जहां तक LJP का सवाल है श्री पारस जी हमारे दल के सदस्य नहीं हैं।पार्टी को तोड़ने जैसे कार्यों को देखते हुए उन्हें मंत्री,उनके गुट से बनाया जाए तो LJP का कोई लेना देना नहीं है
— युवा बिहारी चिराग पासवान (@iChiragPaswan) July 7, 2021
चिराग पासवान ने कहा, ” प्रधानमंत्री के इस अधिकार का पूर्ण सम्मान है कि वे अपनी टीम में किसे शामिल करते हैं और किसे नहीं. लेकिन जहां तक एलजेपी का सवाल है पारस हमारे दल के सदस्य नहीं हैं. पार्टी को तोड़ने जैसे कार्यों को देखते हुए उन्हें मंत्री, उनके गुट से बनाया जाए तो LJP का कोई लेना देना नहीं है.”
लोक जनशक्ति पार्टी ने आज माननीय लोकसभा अध्यक्ष के प्रारम्भिक फ़ैसले जिसमें पार्टी से निष्कासित सांसद श्री पशुपति पारस जी को लोजपा का नेता सदन माना था के फ़ैसले के ख़िलाफ़ आज दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की गई है।
— युवा बिहारी चिराग पासवान (@iChiragPaswan) July 7, 2021



