11 C
Lucknow
Wednesday, January 21, 2026

जिला पंचायत चुनाव में भाजपा ने झोंकी ताकत, जिलों में योगी के मंत्रियों का डेरा

Must read

लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी ने जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी है. संगठन के पदाधिकारी चुनाव जीतने के लिए लगाए गए हैं. वहीं योगी सरकार के मंत्री भी अपने प्रभार वाले जिलों में डेरा डाल दिये हैं. सभी मंत्रियों को जिलों में रहने के लिए कहा गया है. पार्टी के विधायकों और सांसदों को जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव जीतने में पार्टी उम्मीदवारों की मदद के लिए कहा गया है.
भारतीय जनता पार्टी पहली बार पूरे जोर-शोर के साथ पंचायत का चुनाव लड़ने मैदान में उतरी. तमाम मंथन के बाद पार्टी नेतृत्व ने प्रदेश मुख्यालय से सभी जिला पंचायत सदस्य उम्मीदवारों की घोषणा की. पार्टी चुनाव मैदान में उतरी, लेकिन अपेक्षा के अनुरूप परिणाम नहीं आए. प्रदेश में 3,051 जिला पंचायत वार्डों में से भाजपा, निर्दलीय और समाजवादी पार्टी ने लगभग बराबर सीटों पर जीत दर्ज की है. प्रदेश में जिला पंचायत सीटों पर जीत दर्ज करने के मामले में बहुजन समाज पार्टी चौथे पायदान पर खड़ी है.
निर्दलीय सदस्यों को पार्टी में कराया जा रहा शामिल
भारतीय जनता पार्टी ने निर्दलीय सदस्यों को अपने पाले में लाने के लिए पूरी रणनीति के साथ काम कर रही है. करीब-करीब सभी जिलों में निर्दलीय जिला पंचायत सदस्यों को पार्टी में शामिल कराया गया है. भाजपा का दावा है कि पार्टी के बहुत से कार्यकर्ता बगावत करके चुनाव लड़े थे, उन्हें जीत मिली है. वह भाजपा के साथ आना चाह रहे थे लिहाजा उन्हें पार्टी में शामिल किया गया है. इसके अलावा दूसरे दलों के भी जिला पंचायत सदस्य भाजपा के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं. सत्ताधारी दल के साथ जुड़कर जिला पंचायतों में काम करना सदस्यों के लिए आसान होगा. यही वजह है कि वह सत्ताधारी दल के साथ जाना ज्यादा बेहतर मान रहे हैं.
पिछले दिनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था कि जिला पंचायत के चुनाव में विपक्ष को पता चल जाएगा. इससे स्पष्ट है कि भाजपा ने हर स्तर पर रणनीति तैयार की है. पार्टी नेतृत्व ने अपने सभी विधायकों, सांसदों को जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट निकालने की सामूहिक जिम्मेदारी दी है. निर्दलीय जिला पंचायत सदस्यों को पार्टी में शामिल कराने का काम विधायक और सांसद कर रहे हैं. सभी विधायक अपने क्षेत्र के निर्दलीय और दूसरे दलों के जीते हुए उम्मीदवारों को भाजपा से जोड़ने में महती भूमिका अदा कर रहे हैं. विधायकों से जहां कोई कमी रह जा रही है, उसको पार्टी के सांसद पूरा करने के लिए आगे आ रहे हैं. पार्टी उम्मीदवारों और जिला संगठन के उत्साहवर्धन के लिए प्रभारी मंत्रियों को उनके जिलों में रहने के लिए कहा गया है. मौजूदा समय में प्रदेश सरकार के ज्यादातर मंत्री अपने जिलों में मौजूद हैं.
आज से शुरू हो रहा नामांकन
प्रदेश में 26 जून से जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के लिए नामांकन शुरू हो रहा है. भाजपा नामांकन में अपनी ताकत दिखाना चाहेगी. पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष ने पिछले दिनों यूपी भाजपा के सभी जिम्मेदार नेताओं, मंत्रियों और संघ के साथ प्रदेश की मौजूदा परिस्थिति को लेकर मंथन किया था. इसके बाद सभी को स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि सारे मंत्री, विधायक, सांसद अपने अपने क्षेत्रों में बेहतर काम करें. परफॉर्मेंस के आधार पर ही वह जनता के बीच वोट मांगने के लिए जाएंगे. यही नहीं उनके जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट जिताने की भी उन्हें जिम्मेदारी दी गई थी. आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी विधायकों के समग्रता से प्रदर्शन का आकलन करने के बाद ही पार्टी टिकट देगी. टिकट कटने के डर की वजह से वह भाजपा उमीदवारों को जिताने के लिए जुट गए हैं.
तीन जुलाई को मतदान एवं परिणाम
उत्तर प्रदेश में जिलों में इतने ही जिला पंचायत अध्यक्ष पद हैं. पार्टी ने इनमें से 60 से 65 सीटों पर जीत के लिए रणनीति तैयार की है. 2015 के पंचायत चुनाव में तत्कालीन सत्ताधारी दल समाजवादी पार्टी ने 62 सीटों पर जीत दर्ज की थी. भाजपा इससे कम पर संतुष्ट नहीं होगी. लिहाजा उसने पूरी ताकत झोंक दी है. भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष की ज्यादा से ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज करके आगामी विधानसभा चुनाव के लिए माहौल बना चाह रही है. पार्टी चुनाव में जीत दर्ज करके जनता के बीच एक सकारात्मक संदेश देने के प्रयास में है.
- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article