कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी जितिन प्रसाद के बीजेपी ज्वाइन करने के बाद सियासी बयानबाजी जारी है। कांग्रेस के तमाम बड़े नेता भले ही इससे किसी तरह के नुकसान से इनकार कर रहे हैं, लेकिन पार्टी का कार्यप्रणाली पर जरूर सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली ने जितिन प्रसाद को संदिग्घ नेता जरूर करार दिया, लेकिन साथ ही पार्टी में बड़ी सर्जरी की जरूरत बताया है।
उन्होंने कहा, ”ज्यादा नेता नहीं, सिर्फ जितिन प्रसाद ही छोड़कर गए हैं। वह हमेशा से संदिग्ध थे। वह धर्मनिरपेक्ष नहीं हैं। वह जातिवादी थे और यूपी में जातिवादी राजनीति को कायम रखना चाहते थे। उन्हें कई पद दिए गए थे। पार्टी की विचारधारा के लिए प्रतिबद्ध लोगों को जिम्मेदारी दी जाए।”



