13 C
Lucknow
Wednesday, January 21, 2026

राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने निकायों के जनप्रतिनिधियों से किया संवाद, दिए ये निर्देश

Must read

लखनऊ: राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के स्थानीय निकायों के महापौर, अध्यक्ष एवं पार्षदों से वर्चुअल संवाद किया. इस दौरान जनप्रतिनिधियों से उनके क्षेत्रों को स्वच्छ सुंदर और स्वस्थ बनाने को कहा गया. राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि समस्त स्थानीय निकायों के महापौर, अध्यक्ष एवं पार्षद अपने-अपने क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल, सीवेज, सड़क, जल-निकासी की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें. शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए.
राज्यपाल ने कहा कि साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. सभी नगरीय निकायों में एसटीपी प्लांट प्राथमिकता पर स्थापित किया जाए. बरसात के मौसम में जल-भराव की समस्या होती है, इसलिए सीवेज व्यवस्था को वैज्ञानिक आधार पर क्रियान्वित किया जाए.
मुख्यमंत्री ने काम को सराहा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निकायों के जनप्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि कोविड संक्रमण की दूसरी लहर में जिस प्रतिबद्धता के साथ आप सभी ने कोरोना के खिलाफ देश एवं प्रदेश की लड़ाई को मजबूती से लड़ने में अपना योगदान दिया है, वह अत्यन्त सराहनीय है. 17 नगर निगम, 700 से अधिक अन्य नगरीय निकाय और 12 हजार से अधिक पार्षदों को आज राज्यपाल का मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है.

प्रदेश में कोविड की तीसरी लहर से लड़ने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड की तीसरी लहर की आशंका व्यक्त की जा रही है और अब बरसात का मौसम भी आ रहा है. ऐसे में हमें कोविड के साथ-साथ विषाणु-जनित, जल-जनित बीमारियों के संक्रमण को भी रोकने के लिए अभी से प्रयास करने होंगे. उन्होंने कहा कि संक्रामक बीमारियों को रोकने में स्वच्छता व सैनिटाइजेशन का विशेष महत्व है. प्रत्येक नगरीय निकाय में स्वच्छता व सैनिटाइजेशन के साथ-साथ सप्ताह में कम से कम दो से तीन दिन फाॅगिंग का कार्य भी किया जाए. उन्होंने कहा कि सभी नगरीय निकाय प्रतिदिन साफ-सफाई के साथ कूड़े का निस्तारण भी कराएं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट के माध्यम से कूड़ा निस्तारण किया जा रहा है. प्रदेश सरकार ने प्लास्टिक व थर्माकोल को प्रतिबन्धित किया है. सभी महापौर, अध्यक्ष एवं पार्षदगण अपने-अपने क्षेत्रों में इस सम्बन्ध में प्रभावी कार्रवाई करें.
अंतिम संस्कार में असहायों की आर्थिक मदद की जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगमों व अन्य नगरीय निकायों के स्तर पर मोहल्ला निगरानी समितियां गठित की गई हैं. कोरोना कालखण्ड में इन समितियों ने काफी अच्छा कार्य किया. उन्होंने कहा कि कोई भी ऐसा व्यक्ति, जो शव का अन्तिम संस्कार करने में अक्षम है, उसे पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जा रही है. ऐसे में सभी पार्षदगण ऐसे लोगों की मदद करें.

10 नगरों को बनाया जा रहा स्मार्ट सिटी

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार प्रदेश के 10 नगरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित कर रही है. इस योजना के तहत कराए जा रहे विकास कार्यों में और तेजी लाई जाए. स्मार्ट सिटी के तहत इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) विकसित करने की आवश्यकता है. सभी नगरीय निकाय अपने स्तर पर ITMS की स्थापना करें. यह ट्रैफिक व्यवस्था को नियंत्रित करने और सुरक्षा प्रदान करने में योगदान करेगा. अमृत योजना के अन्तर्गत चयनित शहरों में भी सभी निर्माण कार्य तेजी से पूरी गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराए जाएं. उन्होंने महापौर, अध्यक्ष एवं पार्षद से अपेक्षा की, कि वे अपने क्षेत्र के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, वित्तीय प्रतिष्ठानों-बैंक व डाक घर इत्यादि को सीसीटीवी व्यवस्था से जोड़ते हुए उनकी सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ कराएं.
इस दौरान राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने बरेली के महापौर डाॅ उमेश गौतम, कानपुर की महापौर प्रमिला पाण्डेय, मीरजापुर की नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष मनोज जायसवाल, देवरिया की नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष अलका सिंह, नगर पंचायत बड़ागांव झांसी के अध्यक्ष दयाराम कुशवाहा से संवाद किया.
- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article