सिबगतउल्ला के बीएसपी छोड़कर सपा में शामिल के सवाल पर बीएसपी के राज्यसभा सांसद डा० अशोक सिद्धार्थ ने मोर्चा संभाला. उन्होंने कहा सिबगतउल्ला दगे कारतूस हैं. उन्होंने बीएसपी छोड़ा नहीं है, बल्कि उन्हें पहले ही निकाला जा चुका था. उनके या दूसरे अंसारी ब्रदर्स के बीएसपी छोड़ने से पार्टी पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बीएसपी आगे बढ़ती रहती है, जबकि उसे छोड़ने वाले लोग शून्य हो जाते हैं. उनसे जब यह पूछा गया कि पूर्वांचल में पार्टी के मजबूत स्तम्भ माने जाने वाले मुख्तार अंसारी को बीएसपी में रोके रखने के लिए पार्टी उन्हें मनाने या रोकने की कोई कोशिश करेगी तो उन्होंने इस संभावना से साफ इंकार कर दिया और कहा कि बीएसपी ऐसी कोई कोशिश नहीं करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि सपा के भी तमाम लोग अक्सर बीएसपी में शामिल होते रहते हैं, लेकिन हमारी पार्टी उसका शोर शराबा नहीं करती है. पहले सिबगतउल्ला के पाला बदलने और उसके बाद मुख़्तार को लेकर पूछे गए सवालों पर बीएसपी की तीखी प्रतिक्रिया ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है. तमाम सवाल उठने लगे हैं और तमाम संभावनाएं हवा में तैरने लगी हैं.