लखनऊ: विकास प्राधिकरणों के अधिकारी और कर्मचारी आवासीय एवं गैर आवासीय भवनों को मनमाने तरीके से सील कर रहे हैं. इसको लेकर जनहित गारंटी पोर्टल पर बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं. प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन दीपक कुमार ने नाराजगी जताते हुए विकास प्राधिकरणों से सूचना मांगी है.
जनहित गारंटी पोर्टल पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा के बाद प्रमुख सचिव ने आदेश जारी किया है. उन्होंने कहा कि पोर्टल पर लम्बित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाये. प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों द्वारा इसकी नियमित रूप से समीक्षा की जाये. उन्होंने कहा कि जनहित गारंटी पोर्टल से संबन्धित प्रकरणों की समीक्षा मुख्यमत्री के कार्यालय से भी की जाती है.
इसलिए इसमें किसी भी प्रकरण में किसी भी तरह की शिथिलता न बरती जाए. उन्होंने कहा कि ऐसे प्रकरण जो अधिक समय से आवेदक के स्तर पर औपचारिताएं पूर्ण न किये जाने के कारण लम्बित हैं. उनको एक नियत अवधि में निरस्त किये जाने का प्राविधान पोर्टल पर किया जाए. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाये कि आवेदन पत्र के साथ अनावश्यक औपचारिकताएं आवेदक से पूर्ण न करायी जायें.
इसी प्रकार आवंटित संपतियों को आनलाइन किये जाने पर प्रमुख सचिव ने आवास एवं विकास परिषद, समस्त विकास प्राधिकरणों एवं विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरणों के अन्तर्गत योजनाओं में आवंटित सम्पतियों का सम्पूर्ण विवरण ऑनलाइन किये जाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए. महाधिवक्ता की वेबसाइट पर लम्बित वाद, शपथ-पत्र के विवरण की समीक्षा के बाद कहा कि महाधिवक्ता की वेबसाइट में लम्बित वादों का शीघ्रता से निस्तारण सुनिश्चित कराया जाए.