प्रयागराज। लाख कोशिश के बावजूद राजनीति में दागियों का दबदबा दूर नहीं हो पा रहा है। ज्यादा से ज्यादा सीट जीतने की लालच में हर पार्टी ऐसे शख्स को उम्मीदवार बनाने का प्रयास करती है जो जिताऊ हो भले ही उसके दामन में कितने दाग हों। यही हाल ब्लाक प्रमुख चुनाव में भी देखने को मिला है। आपराधिक इतिहास वाले कई उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा गया और इनमें कई ने जीत भी हासिल कर ली। प्रयागराज में कौड़िहार ब्लाक प्रमुख की सीट पर कब्जा जमाने वाला मुजफ्फर हिस्ट्रीशीटर है। 15 आपराधिक मामले उसके खिलाफ दर्ज हैं। यही नहीं, इस समय वह जेल में बंद है और वहीं से उसने ऐसी रणनीति बनाई कि चुनावी अखाड़े में सभी को चित कर दिया।
जो नामांकन करने नहीं आ सका, उसने सबको किया पराजित
नवाबगंज के चफरी गांव निवासी मुजफ्फर के खिलाफ गो तस्करी समेत 15 संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। फूलपुर थाने की पुलिस ने उसकी हिस्ट्रीशीट खोल रखी है तो पुरामुफ्ती पुलिस ने अभी तीन दिन पहले ही उस पर गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की थी। इसी के एक दिन पहले मुजफ्फर ने 2002 में दर्ज एक पुराने मामले में न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। उसे नैनी सेंट्रल जेल भेज दिया गया। आठ जुलाई को नामांकन करने भी वह नहीं आ सका। उसके प्रस्तावक ने नामांकन किया। शनिवार को मतदान शुरू हुआ तो मुजफ्फर ने जेल से आकर वोट डाला। शाम को चुनाव परिणाम आया तो पता चला कि हिस्ट्रीशीटर मुजफ्फर ने जीत दर्ज कर ली है।
दूसरी बार जीते अरुणेंद्र
ब्लाक बहादुरपुर के प्रमुख पद के चुनाव में दूसरी बार प्रमुखी का ताज अरुणेंद्र यादव उर्फ डब्बू के सिर सजा है। निवर्तमान ब्लाक प्रमुख अरुणेंद्र यादव उर्फ डब्बू 50 मत पाकर 14 मतों से विजयी हुए। वहीं पवन द्विवेदी ने कुल 36 मत हासिल कर दूसरे स्थान पर रहे। सपा समर्थित प्रत्याशी रहे अंगद यादव को चार मतों से ही संतोष करना पड़ा।