यूपी में जिला पंचायत अध्यक्ष के बाद अब ब्लॉक प्रमुख के चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हैं। गुरुवार को प्रदेश के अलग-अलग जिलों से चुनाव को लेकर भाजपा और सपा समर्थकों के बीच बवाल, मारपीट, तोड़फोड़, पर्चा फाड़े जाने और यहां तक की फायरिंग की खबरें आ रही हैं। सीतापुर, फतेहपुर, बस्ती, गोरखपुर, देवरिया, श्रावस्ती, अंबेडकरनगर सहित कई जिलों से ऐसी खबरें आई हैं।
लखीमपुर खीरी में तो एक महिला नेता के साथ सड़क पर बदसलूकी करते हुए उन्हें जबरन रोक दिया गया। इन अलग-अलग घटनाओं में कई लोगों के घायल होने की खबर है। गौरतलब है कि ब्लॉक प्रमुख चुनाव के लिए गुरुवार को यूपी के 75 जिलों के 825 ब्लॉक में पूर्वान्ह 11 बजे से शाम तीन बजे तक नामांकन और फिर नामांकन पत्रों की जांच होनी थी।
सीतापुर में दो पक्ष भिड़े, फायरिंग में तीन घायल
सीतापुर में नामांकन करने जा रहे एक प्रत्याशी को पर्चा नहीं मिलने के आरोप को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़ गए। इसके बाद फायरिंग की गई। इस घटना में कुल तीन लोग घायल बताए जा रहे हैं। इनकी हालत देखते हुए डॉक्टरों ने लखनऊ के लिए रेफर कर दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सीतापुर में पूरी वारदात पुलिस के सामने ही हुई। मारपीट के दौरान कमलापुर ब्लॉक में भगदड़ की स्थिति आ गई। एक बीडीसी सदस्य के गुस्साए समर्थकों ने एनएच-24 पर जाम लगा दिया है।
लखीमपुर खीरी में महिला नेता को उठा ले गए बवाली
लखीमपुर खीरी में ब्लॉक प्रमुख नामांकन के दौरान एक महिला नेता के साथ सड़क पर सरेआम बदसलूकी हुई। उन्हें ब्लॉक में जाने से जबरन रोक दिया गया। वहां पसगवां ब्लॉक में जमकर बवाल हुआ। आरोप है कि सपा प्रत्याशी रीतू सिंह का नामांकन भाजपा समर्थकों ने नहीं होने दिया। ब्लॉक में दाखिल हो रहीं प्रत्याशी की प्रस्तावक अनीता को कुछ लोगों ने सड़क पर घेर लिया। उनके साथ मारपीट की गई। इसके बाद सपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष क्रांति कुमार सिंह को गेट से खींच लिया गया। उनको बंधक बनाने की कोशिश का आरोप भी सपा द्वारा लगाया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि इस दौरान भाजपा समर्थकों का घेरा तोड़कर सपा प्रत्याशी ब्लॉक के अंदर चली गईं। वहां उन्होंने आरओ के सामने पर्चा भरकर दिया। सपा का आरोप है कि अंदर घुसे भाजपा समर्थकों ने आरओ के सामने से पर्चा छीनकर फाड़ दिया। प्रत्याशी को पीटा भी। मारपीट, धक्का-मुक्की में उनके कपड़े फट गए। यह सब पुलिस के सामने हुआ।
आरोप है कि पुलिस ने किसी बवाली को रोकने की कोशिश नहीं की। सपा ने अपने प्रत्याशी की कार को रास्ते में घेरे जाने का भी आरोप लगाया। पार्टी नेताओं ने पुलिस पर आरोप लगाया कि सूचना दिए जाने पर पुलिस, प्रत्याशी को ब्लॉक पर ले जाने की बजाए थाने ले गई। इस दौरान तीन बज गए और सपा प्रत्याशी का नामांकन नहीं हो सका।
गोरखपुर में मारपीट, पर्चा फाड़ा
उधर, गोरखपुर चरगांवा ब्लॉक में भी नामांकन के दौरान मारपीट और पर्चा फाड़े जाने की घटना हुई। घटना के बाद पुलिस ने उपद्रवियों को हल्का बल प्रयोग कर वहां से खदेड़ दिया।
श्रावस्ती में सपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से भिड़ंत
श्रावस्ती में नामांकन के दौरान बवाल के बाद सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच भिड़ंत की खबर है। सपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उनके प्रत्याशी को नामांकन पत्र नहीं दिया गया। यह आरोप लगाते हुए इकौना के ब्लॉक परिसर में जाने की कोशिश कर रहे सपा प्रत्याशी और उनके समर्थकों को पुलिस ने रोक दिया।
इस पर सपा कार्यकर्ता पुलिस से भिड़ गए। उन्होंने जमकर नारेबाजी की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वहां माहौल बेहद खराब हो गया था। मौके पर पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई है। पुलिस ने कई सपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है।
फतेहपुर में जमकर बवाल, प्रत्याशी और अधिवक्ता से मारपीट
फतेहपुर में भी नामांकन के दौरान गुरुवार को जमकर बवाल हुआ। सपा का आरोप है कि तेलियानी ब्लाक परिसर में नामांकन करने जा रहे पार्टी प्रत्याशी और समर्थकों पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी के समर्थकों ने हमला बोल दिया। प्रत्याशी के अधिवक्ता और समर्थकों की बेहरमी से पिटाई की गई। आरोप है कि हमलावरों ने पथराव कर वाहन तोड़ दिए और नामांकन फाइल छीन कर भाग गए। इस दौरान अफसर और पुलिस मूक दर्शक बनी बवाल देखती रही। बताया जा रहा है कि सपा प्रत्याशी ने दूसरा सेट लेकर गुपचुप तरीके से ब्लाक पहुंचकर नामांकन दाखिल किया।
तेलियानी ब्लाक में सुबह से तनाव की स्थिति बनी हुई थी। वहां एसडीएम सदर प्रमोद झा और सीओ सिटी संजय सिंह की मौजूदगी में भारी फोर्स तैनात थी। बताया जा रहा है कि भाजपा समर्थित प्रत्याशी पुष्पा देवी, समर्थकों के साथ नामांकन के लिए पहुंची थीं। नामांकन के बाद भाजपाई गेट के बाहर नारेबाजी कर रहे थे उसी दौरान सपा प्रत्याशी आशा देवी, कुछ समर्थकों और अधिवक्ता के साथ जा रही थीं। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि नारेबाजी कर रहे लोगों ने उनकी पार्टी की प्रत्याशी और समर्थकों को रास्ते में रोककर धक्का-मुक्की शुरू कर दी। कुछ लोगों ने नामांकन फाइल छीनने की कोशिश की।
विरोध करने पर मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान कुछ उपद्रवियों ने अधिवक्ता की बेरहमी से पिटाई कर फाइल छीन ली और फरार हो गए। सपा नेताओं के मुताबिक कुछ देर बाद दूसरा सेट लेकर सपा प्रत्याशी नामांकन के लिए पहुंची तो बवालियों ने फिर पथराव शुरू कर दिया। अफसरों ने किसी तरह प्रत्याशी और अनुमोदक प्रस्तावक को कैंपस में दाखिल कराया। उपद्रव कर रहे लोगों ने सपा नेताओं के वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। फिलहाल ब्लॉक में तनाव के बीच दोनों पक्ष डटे हुए हैं। वहीं अधिवक्ता की पिटाई पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश सिंह ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर कचहरी परिसर में पुलिस के प्रवेश पर रोक लगाते हुए प्रदर्शन किया जाएगा।
देवरिया में मारपीट, पर्चा फाड़ा गया
देवरिया के भागलपुर में भी ब्लॉक प्रमुख पद के नामांकन के दौरान गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान सपा प्रत्याशी व उसके समर्थकों के साथ दूसरे प्रत्याशी के समर्थकों ने मारपीट करने के साथ ही उसका नामांकन पत्र भी फाड़ दिया। मौके पर मौजूद पुलिस ने लाठी भांजकर उपद्रवियों को खदेड़ अपनी अभिरक्षा में सपा प्रत्याशी का नामांकन कराया।
करीब सवा 12 बजे सपा प्रत्याशी रीमा देवी अपने पति चंद्रशेखर प्रसाद के साथ भागलपुर में नामांकन करने पहुंची। उन्हें देख पहले से लामबंद दूसरे प्रत्याशी के समर्थक हंगामा करने लगे। इसी दौरान कुछ लोगों ने सपा प्रत्याशी व उनके पति तथा समर्थकों को दौड़ा लिया। इस दौरान उनके साथ मारपीट भी की गई। बवाल में सपा प्रत्याशी के पति का कुर्ता भी फट गया व मोबाइल गायब हो गया। पुलिस ने लाठी भांज कर उपद्रवियों को खदेड़ते हुए किसी तरह से सपा प्रत्याशी को अपने घेरे में लेकर नामांकन स्थल तक पहुंचाया। इसके बाद रीमा देवी ने नामांकन पत्र का दूसरा सेट मंगा कर अपना पर्चा दाखिल किया।
मारपीट की सूचना पर कुछ ही देर में सपा नेता भी जुट गए। जिन्हें पुलिस ने समझा-बुझाकर हटाया। हालात को देखते हुए बरहज के नायब तहसीलदार जितेंद्र कुमार सिंह व थानाध्यक्ष मईल भवानी भीख राजभर पुलिस फोर्स के साथ मौके पर जमे रहे। विदित हो कि भागलपुर में ब्लॉक प्रमुख का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। इसके बावजूद यहां दो खेमों के आमने-सामने होने से मुकाबला कांटे का हो गया है। सपा जिलाध्यक्ष डॉ. दिलीप यादव ने आरोप लगाया कि नामांकन से रोकने के लिए पार्टी की प्रत्याशी रीमा देवी व उनके समर्थकों के साथ मारपीट करते हुए विरोधियों ने नामांकन पत्र फाड़ दिया। इस मामले में पुलिस सख्त कार्रवाई करे।
बस्ती में भी मारपीट, तोड़फोड़, फायरिंग
ब्लॉक प्रमुख चुनाव के लिए नामांकन के दौरान गुरुवार को बस्ती के कई ब्लॉकों पर मारपीट, तोड़फोड़ और हवाई फायरिंग की घटनाएं हुईं। गौर ब्लॉक में नामांकन से रोके जाने को लेकर दो भावी प्रत्याशियों के समर्थक आपस में भिड़ गए। इसके बाद पुलिस ने उन पर जमकर लाठियां बरसाईं। इस दौरान दोनों पक्षों के समर्थक एक-दूसरे को पीटते और इधर-उधर भागते नज़र आए। उधर, बनकटी में पर्चा भरने आए दो दावेदारों के समर्थक आपस में भिड़ गए। पुलिस ने यहां भी जमकर लाठियां भांजी। दुबौलिया ब्लॉक में भी नामांकन से रोकने को लेकर जमकर हंगामा हुआ। यहां भाजपा और सपा समर्थकों में जमकर मारपीट हुई। कई गाड़ियों में तोड़फोड़ के बाद फायरिंग की गई। घटना में एक युवक के घायल होने की खबर है।
जौनपुर में कई गाड़ियों में तोड़फोड़
जौनपुर के जलालपुर ब्लॉक में दो भावी प्रत्याशियों के समर्थक आमने सामने आ गए। बीडीसी सदस्यों को लेकर बुधवार की देर रात जमकर मारपीट हुई। इस दौरान दोनों पक्षों से पांच लोग जहां घायल हो गए। वहीं, एक पक्ष की तीन गाड़ियां क्षतिग्रस्त कर दी गईं।
ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना देने के दो घंटे बाद पुलिस पहुंची। केराकत विधायक दिनेश चौधरी के प्रतिनिधि लाल प्रताप सिंह बुधवार की रात अपने गांव रेहटी में घर पर 11 बजे 10-12 लोगों के साथ बैठे थे। इनका दावा है कि वह गुरुवार को भाजपा से ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी कमलेश कुमारी के नामांकन को लेकर चर्चा कर रहे थे।
इसी बीच आधा दर्जन गाड़ियों के साथ निर्दलीय प्रत्याशी बादामा देवी के परिवार के लोग और उनके समर्थक पहुंच गए। वह आरोप लगाने लगे कि लाल प्रताप सिंह ने बीडीसी सदस्यों को अपने घर में बैठाया है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर मारपीट करने लगे।
इसी दौरान बादामा देवी के समर्थकों की तीन गाड़ियां क्षतिग्रस्त कर दीं। वहीं घटना में दोनों पक्षों से पांच लोग घायल हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की जानकारी होने के दो घंटे बाद तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची थी। दोनों प्रत्याशियों के समर्थक एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।