गोंडा: जिला स्वास्थ्य विभाग के एसीएमओ समेत 17 वरिष्ठ चिकित्सकों के सामूहिक इस्तीफे ने प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा दिया है। सीएमओ और स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह को भेजे गये इस इस्तीफे में डीएम पर कई गंभीर आरोप लगाये गये हैं। सामूहिक इस्तीफे में मंगलवार शाम समीक्षा बैठक के दौरान डीएम पर असंसदीय भाषा प्रयोग करने और चिकित्सक समाज का अपमान किए जाने का जिक्र किया गया है।
एसीएमओ ने इस्तीफे में आरोप लगाया है कि डीएम की ओर से इससे पहले भी अमर्यादित शब्द का इस्तेमाल कर चुके हैं। एसीएमओ को निकम्मा इत्यादि शब्दों का प्रयोग उनके लिए किया। वहीं इसके बाद 16 सीएचसी अधीक्षकों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है।
इस इस्तीफा पत्र के मुताबिक निगरानी समितियों के मेडिकल किट की समीक्षा के मामले में भी उन्हें डांटा-फटकारा गया। क्लस्टर कोविड टीकाकरण के लिए पोर्टल पर फीडिंग की बात उठाने पर डीएम ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया।
डीएम ने बैठक के दौरान कहा कि सीएमओ और उनके (एसीएमओ) रहते जनपद में कोई काम नहीं हो सकता। डॉ. एपी सिंह ने दावा यह भी किया है कि जनपद को स्वास्थ्य मानकों में 73वें से 23वें स्थान पर लाने में उन्होंने योगदान दिया। इसके बावजूद डीएम द्वारा शासकीय चिकित्सकों को अपमानित किए जाने से वे आहत हैं। कोरोना वॉरियर के रूप में सम्मानित करने की जगह उन्हें अपमानित किया गया।
एसीएमओ ने इस्तीफे के अंत में लिखा कि मैं अपर मुख्य चिकित्साधिकारी के रूप में मानसिक आहत होने के कारण अपनी सेवाएं दे पाने में सक्षम नहीं हूं। वहीं इस मामले में सीएमओ डॉ. आरएस केसरी ने एसीएमओ के इस्तीफे की प्रति मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि विचार के बाद इसे शासन को प्रेषित किया जाएगा।
डीएम के व्यवहार से खफा एसीएमओ डॉ. एपी सिंह के इस कदम के बाद बुधवार रात चिकित्सकों की एक आपात बैठक हुई और इसमें सभी 16 सीएचसी अधीक्षकों ने देर रात अपने-अपने पद से सामूहिक इस्तीफा दे दिया। सभी ने डीएम पर चिकित्सकों के प्रति अपमानित व्यवहार और टिप्पणी किये जाने के कारण इस्तीफा देने का उल्लेख किया है। अधीक्षकों ने सामूहिक इस्तीफा का पत्र सीएमओ को दे दिया है।