कानपुर: भाजपा की स्वप्निल वरुण ने किया जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर कब्जा
दिवाकर श्रीवास्तव
कानपुर। आखिरकार भाजपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर कब्जा कर लिया। पूर्व मंत्री स्व. कमलरानी वरुण की बेटी स्वप्निल वरुण 25 वोटों से निर्वाचित घोषित की गईं। सपा के राजू दिवाकर को पांच मतों पर भरोसा करना पड़ा। दो मत अवैध घोषित कर दिए गए।
32 सदस्यीय जिला पंचायत बोर्ड में भाजपा के 9, सपा के 11, बसपा के 5, निर्दलीय 6 तथा एक निषाद पार्टी से जिला पंचायत सदस्य जीते थे। मतगणना के बाद पता चला कि सपा को अपने सदस्यों का भी वोट नहीं मिला। 11 में से छह सदस्यों ने क्रास वोटिंग की और भाजपा के साथ खड़े हो गए। बसपा ने कोई प्रत्याशी नहीं उतारा था।
भाजपा ने 26 वोटों का पहले ही दावा किया था
कैबिनेट मंत्री सतीश महाना ने चार दिन पहले ही 26 सदस्यों के समर्थन का दावा किया था। नतीजे लगभग उसी के अनुरूप आए। भाजपा को 25 वोट मिले। कोरोना की पहली लहर में कैबिनेट मंत्री रहीं कमलरानी वरुण का निधन हो गया था। भाजपा ने उनकी बेटी को विधायक का टिकट न देकर जिला पंचायत अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया। स्वप्निल ने चुनाव जीत कर पार्टी का झंडा बुलंद कर दिया।
मां के सपनों को पूरा करुंगी
नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण ने कहा कि मां कमलरानी वरुण के सपनों को पूरा करुंगी। उनके अधूरे विकास कार्यों को आगे ले जाऊंगी। उनका सपना था कि विकास के मामले में कानपुर प्रदेश में टॉप पर रहे। उसे आगे ले जाने की कोशिश करुंगी।
सदस्यों की खरीद फरोख्त हुए
निकटतम प्रतिद्वंदी सपा के राजू दिवाकर ने मतगणना शुरू होने से पहले ही हार स्वीकार कर ली थी। उन्होंने कहा कि सदस्यों की खरीद फरोख्त हुई। धनबल, बाहुबल के आगे लोकतंत्र की हार हुई है।
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