आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने भी अपनी तैयारी शुरू कर दी है. लेकिन इसके लिए कांग्रेस जो स्ट्रेटेजी अपनाती नज़र आ रही है वो असल में बीजेपी की विनिंग स्ट्रेटेजी है जिसे लेकर 2014 और 2017 में पार्टी ने बहुमत हासिल किया था. शायद यही वजह है कि कांग्रेस भी उसी राह पर चलती नज़र आ रही है.
दरअसल, कांग्रेस पार्टी के पास अलग-अलग जगह से तमाम दावेदार आ रहे हैं. सूत्रों की मानें तो अब तक 100 से अधिक सीटों पर दावेदारों को क्षेत्र में तैयारी के लिए हरी झंडी भी दे दी गयी है. इनमें 50 के करीब सीट ऐसी हैं जिन पर अभी 1-1 दावेदार हैं. लेकिन करीब 50 सीट ऐसी भी हैं जहां एक से अधिक दावेदारों को तैयारी के लिए कहा गया है. असल मे प्रदेश नेतृत्व ने प्रत्येक विधानसभा सीट के लिए जिला व महानगर इकाइयों से तीन-तीन दावेदारों का पैनल मांगा है.
सूत्रों की मानें तो पूर्वांचल के वाराणसी, गोरखपुर, आज़मगढ़, बस्ती और मिर्जापुर से पैनल आ चुके हैं. पार्टी तीन महीने की समीक्षा में जो दावेदार खरा उतरेंगे उनका टिकट फाइनल करेगी. सूत्रों के मुताबिक अब तक 142 दावेदारों से प्रदेश नेतृत्व वार्ता कर चुका है. ये स्ट्रेटेजी कुछ वैसी ही है जैसी भाजपा अपनाती है. 2014 के लोकसभा चुनाव हो या 2017 के विधानसभा चुनाव. सभी में भाजपा ने इसी स्ट्रेटेजी के तहत एक-एक सीट पर 5-5 दावेदारों तक को तैयारी के लिए कह दिया था.
अंत समय तक किसी को नहीं पता रहा कि कौन असल में उम्मीदवार होगा. इसका फायदा ये हुआ कि बीजेपी की सभी सभाओं में भारी भीड़ भी उमड़ी और क्षेत्र में हवा भी अच्छी बनी. इस स्ट्रेटेजी को लेकर पॉलिटिकल एनालिस्ट रतन मणि लाल का कहना है कि सभी पार्टी एक्सपेरिमेंट करती हैं. प्रियंका ने सोची समझी रणनीति के तहत भाजपा की विनिंग स्ट्रेटेजी पर काम शुरू किया है. कांग्रेस लीडरशिप के लिए ये परीक्षा है. हालांकि भाजपा एक कदम आगे चलती है और हर बार थोड़ी स्ट्रेटेजी बदलती रहती है.
2022 में जनता का आशीर्वाद मिलेगा- अजय कुमार लल्लू
भले ही कांग्रेस ने बीजेपी की स्ट्रेटेजी को कॉपी किया हो लेकिन प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू का दावा है कि ये भाजपा की स्ट्रेटेजी नहीं बल्कि कांग्रेस की पुरानी परंपरा है. प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उनकी 5 विधायकों की पार्टी है लेकिन जनता के मुद्दों को लेकर सपा के मुकाबले मजबूती से सड़क पर है. उन्होंने कहा कि लोग आवेदन दे रहे, हम आवेदन ले रहे है. दावेदारों को टास्क दे रहे हैं कि क्या काम करना है. बुनियादी, क्षेत्रीय जन समस्याओं को लेकर काम करे. हां मौका उसी को मिलेगा जो अच्छा और बेहतर करेगा. अजय कुमार लल्लू ने कहा कि 2022 में जनता का आशीर्वाद मिलेगा. हम सब को जोड़कर जनता के बीच जाएंगे.