… तो सपा ने बिगाड़ दी बाहुबली भाइयों की गणित
जिला पंचायत अध्यक्ष की उम्मीदवारी को लेकर सपा में था दो फाड़, एक गुट निर्दलीय अर्चना सिंह की तो दूसरा गुट सपा से ही किसी को लड़ाने की कर रहा था पैरोकारी
संतोष यादव
सुलतानपुर। समाजवादी पार्टी से उम्मीदवारी की आस लगाए बाहुबली भाइयों को झटका लगा है। उन्हें भरोसा था कि देर सबेर उनके उम्मीदवार पर सपा की मुहर लग जायेगी लेकिन अंततः सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव ने सपा से जीते सदस्यों में से ही केशा यादव के नाम को हरी झंडी दी। गौरतलब है कि जिला पंचायत अध्यक्ष की उम्मीदवारी को लेकर शुरू से ही सपा में दो फाड़ था।

एक गुट निर्दलीय अर्चना सिंह की तो दूसरा गुट सपा से ही किसी को लड़ाने की पैरोकारी कर रहा था। अर्चना सिंह पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू एवं पूर्व ब्लाक प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू की बहन हैं। मोनू सिंह पिछली बार भाजपा से जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ चुके हैं। इसके पूर्व दोनों भाई सपा, बसपा, पीस पार्टी, लोकदल में भी रह चुके हैं।
इस समय किसी दल में नही हैं, लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव में सोनू सिंह बसपा से गठबंधन प्रत्याशी थे। उसी चुनाव दौरान सपाइयों से भी बढ़ी उनकी नजदीकी के चलते जिला पंचायत अध्यक्ष का टिकट सपा से उनकी बहन अर्चना सिंह को दिए जाने की पैरोकारी में कई सपाई जुटे थे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिलने सपा जिलाध्यक्ष पृथ्वीपाल यादव की अगुवाई में जिले से 13 जिला पंचायत सदस्यों के अलावा पूर्व विधायक अरुण वर्मा, एमएलसी शैलेन्द्र प्रताप सिंह, जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह बब्लू, महासचिव सलाहुद्दीन समेत कई नेता पहुंचे थे। सबके सामने अध्यक्ष को लेकर चर्चा हुई जिसमें ज्यादातर लोग निर्दलीय अर्चना सिंह को उम्मीदवार बनाने की वकालत किए लेकिन कुछ की राय थी कि जब हमारे दर्जन भर सदस्य हैं तो बाहरी को समर्थन क्यों दिया जाय।
भविष्य में अपने नफा नुकसान के आंकलन एवं काफी मंथन बाद शीर्ष नेतृत्व ने सपा के जीते सदस्यों में से ही प्रत्याशी बनाने का निर्णय लिया। हालाकि इस निर्णय के पीछे की वजह जिले के कुछ पूर्व विधायकों एवं एक विधायक को माना जा रहा है।
अंततः जिलाध्यक्ष के परिवार पर ही अखिलेश ने जताया भरोसा
त्रिस्तरीय पंचायत में अर्से से अपनी पकड़ जमाए सपा जिलाध्यक्ष एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पृथ्वीपाल यादव पर ही अंततः सपा सुप्रीमों ने अपना भरोसा जताया। सपा ने जिलाध्यक्ष की भाभी केशा यादव को जिला पंचायत अध्यक्ष का उम्मीदवार बनाया है। सपा से घोषित प्रत्याशी केशा यादव के परिवार का त्रिस्तरीय पंचायत में अर्से से दखल रहा है। केशा खुद ग्राम प्रधान रहीं हैं। लम्भुआ विधानसभा निवासी सपा जिलाध्यक्ष पृथ्वीपाल यादव का परिवार गांव से लेकर जिला पंचायत तक की कुर्सी पर काबिज रहा है।
पृथ्वीपाल यादव वर्ष 2010 में जिला पंचायत सदस्य चुने गए। 2013 में उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का मौका मिला। वर्ष 2015 में दुबारा सदस्य बने। वर्ष 2021 में हुए पंचायत चुनाव में खुद की जगह भाभी केशा यादव को जिला पंचायत का चुनाव लड़ाया और वे विजयी रहीं। इसके पूर्व 2015 में अनुज बधु मीना यादव बीडीसी एवं लम्भुआ विकास खंड की ब्लाक प्रमुख भी रहीं।
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