लखनऊ : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष और यूपी प्रभारी राधा मोहन सिंह सोमवार देर शाम तक लखनऊ में बैठकों में व्यस्त रहे. देर शाम मुख्यमंत्री आवास पर हुई कोर कमेटी की बैठक में नेताओं ने भविष्य की रणनीति पर मंथन किया. इस बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, दिनेश शर्मा और प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल भी मौजूद रहे.
बनेगी आगे की रणनीति
आगामी विधानसभा चुनाव अभियान के लिए संगठन को आगे किस प्रकार से काम करना है, इसकी पूरी रणनीति पर समीक्षा की गई. उसी के आधार पर आगे कार्यक्रम होंगे. इन्हीं सब विषयों को लेकर यूपी पहुंचे दोनों नेता अपने दौरे के दूसरे दिन समीक्षा करेंगे. माना जा रहा है कि गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के उत्तर प्रदेश में शुरू होने वाले दौरों से पहले बीएल संतोष यूपी में तैयारियां करेंगे. पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर जुलाई से अभियान शुरू होने वाला है.
दौरे के दूसरे दिन बीएल संतोष पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठकें करेंगे. पार्टी के प्रदेश में शुरू किए गए पोस्ट कोविड सेंटर, टीकाकरण जनजागरण अभियान तथा अन्य सेवा कार्यों की समीक्षा करेंगे. इसके साथ ही संगठन के पिछले कार्यक्रम और अभियानों की समीक्षा करेंगे. साथ ही आगामी संगठनात्मक अभियानों एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के लिए मार्गदर्शन करेंगे.
आरएसएस नेताओं के साथ मीटिंग में छाया अयोध्या भूमि विवाद का मुद्दा
बता दें कि राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष और यूपी प्रभारी राधामोहन सिंह ने सबसे पहले पार्टी मुख्यालय पर स्वतंत्रदेव सिंह और सुनील बंसल के साथ मुलाकात की. इसके बाद भाजपा के चारों नेता निराला नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर पहुंचे. यहां संघ के पूर्वांचल क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रचारक अनिल कुमार और पश्चिमी क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रचारक महेंद्र से बात की. बताया जा रहा है कि संघ के नेताओं के साथ हुई बैठक में अयोध्या प्रकरण को लेकर भी चर्चा की गई है. संघ और भाजपा, कोई नहीं चाहते कि अयोध्या का जमीन विवाद प्रकरण आगे और खिंचे.
पार्टी के जानकारों का मानना है कि श्रीराम मंदिर ट्रस्ट से भाजपा और उत्तर प्रदेश सरकार का सीधे कोई कनेक्शन नहीं है. बावजूद इसके विपक्ष भाजपा और सरकार को ही घेर रहा है. इस मीटिंग में विपक्ष को मजबूत तथ्यों के साथ जवाब देने का फैसला किया गया. बैठक में शामिल नेताओं ने माना कि इस प्रकरण के लंबा खिंचने से समाज में गलत संदेश जा रहा है. इसे रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाया जा सकता है.
संघ ने भाजपा नेताओं को पश्चिम से पूर्वांचल तक से मिल रहे फीडबैक से अवगत कराते हुए सरकार व संगठन की स्थितियां दुरुस्त करने की नसीहत दी. साथ ही सरकार व संगठन में हो रहे समायोजन में विचार परिवार के कार्यकर्ताओं को नियुक्त करने, पंचायत चुनाव के दौरान कोरोना संक्रमण से मरने वाले कर्मचारियों व शिक्षकों के आश्रितों को अनुग्रह राशि और अनुकंपा नियुक्ति जल्द दिलाने और कोरोना संक्रमण के बाद बदली परिस्थितियों पर मंथन हुआ.
संघ ने कार्यकर्ताओं की अपेक्षाएं पूरी करने, कार्यकर्ताओं व समाज से समन्वय बनाते हुए एजेंडे के बचे हुए कार्यों को पूरा करने को कहा. बैठक में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर संघ व भाजपा के आगामी कार्यक्रमों और सेवा कार्यों पर भी चर्चा हुई. बैठक में युवाओं, पिछड़ों, दलितों और महिला वोट बैंक को लेकर भी रणनीति पर चर्चा हुई.