लखनऊः यूपी में 2022 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए सियासत गर्म हो गई है. बसपा से निलंबित विधायक मंगलवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद चर्चाओं का बाजार और गर्म होग गया है. इस मुलाकात के बाद श्रावस्ती जनपद की भिनगा विधानसभा से विधायक असलम रायनी ने कहा है कि बसपा के सभी 11 विधायक मिलकर एक नई पार्टी का गठन करेंगे.
इस पार्टी का नेतृत्व हाल ही में बसपा से बर्खास्त किए गए लालजी वर्मा करेंगे. सहयोगी के रूप में राम अचल राजभर को भी रखा जाएगा. विधायक असलम रायनी का कहना है कि अभी हमारे पास एक विधायक की कमी है, जिस कारण से अभी तुरंत नया दल का गठन नहीं कर सकते हैं. अखिलेश यादव से हुई मुलाकात के सवाल पर विधायक का कहना है कि अब हम लोग किसी भी नेता से मिल सकते हैं.
बता दें कि राज्यसभा के चुनाव में क्रॉस वोटिंग के आरोप में बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने 11 विधायकों को निलंबित कर दिया था. इन 11 निलंबित विधायकों में से 6 विधायकों ने मंगलवार को अखिलेश यादव से मुलाकात कर आगामी 2022 के विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा की.
हालांकि जिन नेताओं ने अखिलेश यादव से मुलाकात की उन सभी को समाजवादी पार्टी के दूसरे दरवाजे से बाहर निकाला गया. ऐसे में जिस तरह से आज बड़ी संख्या में बसपा नेताओं की अखिलेश यादव से मुलाकात हुई निश्चित रूप से आने वाले 2022 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए या मुलाकात महत्वपूर्ण मानी जा रही है. वहीं, एक साक्षात्कार में अखिलेश यादव ने कहा कि निश्चित रूप से बड़ी संख्या में दूसरे दलों के नेता समाजवादी पार्टी के संपर्क में हैं. ऐसे में आने वाले 2022 के विधानसभा चुनाव में इसका फायदा निश्चित रूप से समाजवादी पार्टी को मिलेगा.
बसपा के विधायकों और अखिलेश यादव की मीटिंग के बाद उत्तर प्रदेश में राजनीतिक चर्चाओं के बाजार गर्म हो गए हैं. ऐसे में जिस तरह से श्रावस्ती के विधायक ने नई पार्टी के गठन का ऐलान किया है. अब देखने वाली बात यह होगी कि असलम रायनी पार्टी का गठन करते हैं या समाजवादी पार्टी के सिंबल से आगामी 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ते हैं.
अखिलेश यादव से मिले यह छह विधायक
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असलम राइनी ( भिनगा-श्रावस्ती)
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मुजतबा सिद्दीकी (प्रतापपुर-इलाहाबाद)
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हाकिम लाल बिंद (हांडिया-प्रयागराज)
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हरगोविंद भार्गव (सिधौली-सीतापुर)
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असलम अली चौधरी (ढोलाना-हापुड़)
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सुषमा पटेल (मुंगरा बादशाहपुर)



