लखनऊ: महंगाई के मुद्दे पर लगातार विपक्षी राजनीतिक पार्टियां सरकार पर हमलावर हैं. अब बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती (Mayawati) ने महंगाई (Inflation) के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार को घेरा है. उन्होंने ट्वीट करके केंद्र की मोदी सरकार से डीजल और पेट्रोल की कीमतों के साथ ही जरूरी वस्तुओं की महंगाई पर तत्काल ध्यान देने और कीमतें कम करने की मांग की है.

बसपा प्रमुख मायावती ने ट्वीट कर कहा, एक तरफ कोरोना वायरस के संक्रमण से हर प्रकार की जबरदस्त मार और दूसरी ओर पेट्रोल व डीजल आदि की लगातार बढ़ती हुई कीमत के कारण जरूरी वस्तुओं की महंगाई भी आसमान छू रही है जिसने लोगों का जीवन दुखी व त्रस्त कर दिया है, फिर भी केंद्र व राज्य सरकारें इस ओर ध्यान नहीं दे रही हैं. अति दुखद. देश के कई राज्यों में पेट्रोल व डीजल की कीमत लगभग ₹100 पहुंच जाने से लोगों में आक्रोश की खबर लगातार मीडिया की सुर्खियों में है. कोरोना इलाज संबंधी उपकरणों आदि पर जीएसटी कम करके न्यायोचित बनाने की तरह ही सरकार महंगाई कम करने पर भी ध्यान दे, बीएसपी की यह मांग है.
अभी हाल ही में कांग्रेस पार्टी ने देश भर में डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के साथ ही खाद्य तेलों और अन्य जरूरी वस्तुओं की महंगाई को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था. केंद्र और राज्य सरकारों से महंगाई पर तत्काल अंकुश लगाने की मांग की थी, वहीं समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी भी लगातार सरकार पर महंगाई को लेकर प्रहार कर रही है.
बता दें, बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले सक्रियता से संगठन की मजबूती पर ध्यान दे रही हैं. एक तरफ जहां शनिवार को बसपा ने पंजाब में शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन किया. वहीं उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले संगठन से जुड़े अलग-अलग कमेटियों के प्रमुख लोगों से बातचीत की और बैठक में संगठन की मजबूती के टिप्स दिए. बसपा सुप्रीमो मायावती ने संगठन और कैडर से जुड़े बूथ स्तर के लोगों को सक्रिय करने के निर्देश दिए और कहा कि भाईचारा कमेटियों की मजबूती ही बसपा को विधानसभा चुनाव में जीत दिलाने वाली साबित होगी. ऐसी दशा में सबको सक्रियता के साथ संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए, जिससे 2022 विधानसभा चुनाव में बसपा मजबूती के साथ सत्ता की कुर्सी पर काबिज हो सके.
मायावती ने पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक में अपने संबोधन में कहा कि हमें संगठन को हर स्तर पर मजबूत करना है और विपक्षी दलों की साजिश से सजग भी रहना है. उन्होंने कहा कि किस-किस पार्टी को कितना-कितना चंदा मिलता है, इससे संबंधित खबरें लगातार मीडिया के माध्यम से मिलती रही हैं. बसपा एक अलग पार्टी है और धन्ना सेठों, बड़े-बड़े पूंजी पतियों के धन बल और उनके इशारों पर चलने वाली गुलाम मानसिकता वाली पार्टी बिल्कुल भी नहीं है. बहुजन समाज पार्टी सर्व समाज के गरीब, शोषित, दलित और अन्य उपेक्षित लोगों के हक और न्याय के लिए संघर्ष करने वाली पार्टी है.